One Person Company in India – A Concept – कम्पनी अधिनियम 2013 (OPC)

एक व्यक्ति कम्पनी क्या है?

One Person Company (OPC) Concept in India – एक व्यक्ति कम्पनी एक नया concept है जिसे कम्पनी अधिनियम 2013 में प्रस्तुत किया गया.

पुराने कम्पनी अधिनियम के अनुसार एक private limited company बनाने के लिए कम से कम 2 निदेशक (director) और शेयर धारक (shareholders) चाहिए होते थे. जबकि one person company का जैसा नाम है इसे स्थापित करने के लिए सिर्फ एक व्यक्ति जरूरी होता था जो निदेशक (director) और शेयर धारक दोनों हो सकता था. इस वजह से ऐसे sole proprietor और entrepreneur जो 2 निदेशक और शेयर होल्डर की जरुरत को पूरा नहीं कर सकते थे उनको भी limited liability में अपनी एक कंपनी स्थापित करके जबरदस्त लाभ उठाने का मौका मिला.

Limited Liability का क्या अर्थ है:
एक sole proprietor और एक one person company में सबसे बड़ा अंतर ये है कि अगर one person company का बिज़नस fail होता है तो कम्पनी का दायित्व कम्पनी की सम्पतियों तक ही सीमित होता है जबकि proprietorship में दायित्व असीमित होता है और व्यापार के लेनदार आपके मकान, निजी संपत्ति जैसे घर, निजी बैंक का खाता, गहने आदि से business liability वसूल करते है.

One Person Company in India

एक व्यक्ति कम्पनी (One Person Company) की अवधारणा:

1. One Share Holder (एक शेयर होल्डर)-
एक व्यक्ति कम्पनी की परिभाषा कम्पनी अधिनियम में इस प्रकार दी गई है की “वह कंपनी जिसका एक ही सदस्य है और एक शेयर होल्डर की 100% शेयर होल्डिंग हो एक व्यक्ति कम्पनी कही जाएगी”.

यहाँ पर यह बात ध्यान रखने की है कंपनी स्थापना नियम ( Company Incorporation Rules) के अनुसार “एक वास्तविक व्यक्ति जो भारत में रहता हो तथा भारत का नागरिक हो, एक व्यक्ति कंपनी बना सकता है.”

इसका तात्पर्य यह है की legal entities जैसे company, society या अन्य corporate entities एक व्यक्ति कंपनी नहीं बना सकती क्योकि ये सब वास्तविक व्यक्ति नहीं है. साथ ही साथ Non resident Indian या Foreign Citizens एक व्यक्ति कंपनी नहीं बना सकते है. और One Person Company का एक share holder सिर्फ एक एक व्यक्ति कंपनी का ही शेयर होल्डर हो सकता है. एक share holder दो One Person Company में शेयर होल्डर नहीं हो सकता.

2. One director (एक निदेशक)-
कंपनी अधिनियम (Company Act) के अनुसार One Person Company में एक या एक से अधिक director हो सकते है लेकिन directors की संख्या 15 से अधिक नहीं होनी चाहिए.

कंपनी अधिनियम (Company Act) के अनुसार अगर incorporation document में कुछ निर्धारित नहीं किया गया तो यह माना जायेगा की sole share holder ही One Person Company में sole director है और यह ज्यादातर कंपनी के incorporation में होता है.

3. Nominee-
जो व्यक्ति One Person Company की स्थापना कर रहा है वह एक nominee का नामकरण लिखित रूप से कर सकता है, जिससे nominee One Person Company के स्वामी की मृत्यु या असमर्थता की स्थिति में आगे बढ़कर एक व्यक्ति कंपनी को फिर से चला सकता है.

यहाँ पर nominee के लिए भी भारत का निवासी और भारत का नागरिक होना आवश्यक है. अगर nominee एक साथ दो एक व्यक्ति कंपनियों का सदस्य है तो नियमानुसार उसे 6 महीनो के अन्दर अपना निर्णय लेना होगा की वो किस One Person Company के साथ अपना नाम जोड़कर रखेगा. सदस्य किसी भी समय nominee को बदल सकता है.

One Person Company के इकलौते सदस्य की मृत्यु होजाने की दशा में nominee को One Person Company के मृत सदस्य/स्वामी के सारे शेयर, समान लाभांश, अधिकार और दायित्व हस्तांतरित हो जाते हैं.

सदस्य बनने के बाद वह nominee, किसी दुसरे व्यक्ति को nominee लिखित रूप में घोषित कर सकता है.

4. Taxation-
जबतक वित्त मंत्रालय कुछ निर्धारित नहीं करता तब तक यह मन लिया गया है की जो taxation की दर private limited company की है वही दर One Person Company पर भी लागू होती है. बिक्री में सारे खर्चो को घटने के बाद जो शुद्ध लाभ आता है उसमे 30% की दर से टैक्स लागू होगा और उसपर education chess भी जुड़ेगा.

5. One Person Company से private limited company बनाना या private limited company से One Person Company बनाना –
One Person Company से private limited company बनाना:
कंपनी अधिनियम के अनुसार जब One Person Company 50 लाख के paid-up Capital या उससे ज्यादा या 3 साल का कंपनी के टर्नओवर का अनुपात 2 करोड़ या अधिक हो जाये तो memorandum of association और articles of association में सारे जरूरी परिवर्तन करके उसे private limited company में बदल देना आवश्यक हो जाता है.

Private limited company से One Person Company बनाना:
कंपनी अधिनियम के अनुसार जब private limited company 50 लाख के paid-up Capital से कम या 3 साल का कंपनी के टर्नओवर का अनुपात 2 करोड़ से कम हो जाये तो वह कंपनी स्वत: One Person Company हो जाती है और उससे इसके लाभ लिए जा सकते है.

Process of Incorporation of One Person Company

One Person Company Incorporation Process in India

नोट: कृपया यह ध्यान में रखे की “One Person Company” शब्द कंपनी के नाम के नीचे कोष्ठक में लिखना अनिवार्य है नाम कही भी लिखा, गढ़ा या छापा जायेगा.

अगर आपके कई सवाल है तो अधिक जानकारी के लिए Ministry of Corporate Affairs of India के One Person Company (OPC) FAQ को पढ़े.

Disclaimer: यह लेख सिर्फ एक सामान्य जानकारी देता है इसको आधार बनाकर कोई भी कदम उठाने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले. इस लेख के कारण किसी भी कदम को उठाने से होने वाले मान हानि और अन्य किसी नुक्सान की जिम्मेदारी लेखक की नहीं होगी.

Raj

मेरा नाम राज दीक्षित है मै इस ब्लॉग का author हूँ. मै Delhi में रहता हु. इस blog से मेरा उद्देश्य Positive Quotes, Stories & Information से पाठकों (readers) को फायदा पहुचाना है. MOTIVATION IS THE KEY TO SUCCESS.

3 thoughts on “One Person Company in India – A Concept – कम्पनी अधिनियम 2013 (OPC)

  • August 11, 2016 at 10:29 am
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    Please give me all information about companies act, 2013 in hindi and thank you for kind information.

    Reply
  • December 1, 2016 at 1:33 pm
    Permalink

    बहुत ही बढ़िया आर्टिकल है … Thanks for this article!! 🙂 🙂

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